दर्शन, अभिषेक और विनय — पूजन से पूर्व की भावभूमि।
Darshan, abhishek and vinay — the ground prepared before worship begins.
In this section
- श्री मंगलाष्टक स्तोत्र
- दर्शनं देव देवस्य
- दर्शन पाठ
- दर्शन पाठ
- प्रतिमा प्रक्षाल विधि पाठ
- अभिषेक पाठ भाषा
- अभिषेक पाठ लघु
- मैंने प्रभुजी के चरण
- अमृत से गगरी भरो
- महावीर की मूंगावरणी
- विनय पाठ दोहावली
- विनय पाठ लघु
- मंगलपाठ
- भजन मैं थाने पूजन आयो
- पूजा विधि प्रारंभ
- अर्घ
- स्वस्ति मंगल विधान
- स्वस्ति मंगल विधान हिंदी
- चतुर्विंशति तीर्थंकर स्वस्ति विधान
- अथ परमर्षि स्वस्ति मंगल विधान
- स्तुति

